शिखरों के आँसू
शिखरों के तो आँसू भी मीठी नदी बनकर प्यास के ओंठ तर करने के काम आते हैं।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
शिखरों के तो आँसू भी मीठी नदी बनकर प्यास के ओंठ तर करने के काम आते हैं।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
पत्रकारिता जिस घटना की देह लिखती है, कविता उसी घटना की आत्मा लिखती है.
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
ऐश की ज़िंदगी जीने की लालसा है तो आराम को त्यागना ही होगा। ऐश और आराम परस्पर विरोधी परिस्थितियां हैं।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
मीडिया “वाच डॉग” के रूप में जन्मा था लेकिन “पैट पप्पी” बन कर मर रहा है।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Geet, Naavik ke teer, Poetry
धृतराष्ट्रों को विदुरों की हर बात कसैली लगती है
दर्पण मैला हो तो सारी शक्लें मैली लगती हैं
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
विकास के स्वप्न का साकार रूप है- अभियांत्रिकी। किसी राष्ट्र के निर्माण में अभियंताओं की सर्वाधिक प्रत्यक्ष भूमिका होती है। भारत के वे योग्य सपूत जिन्होंने अनवरत साधना से हमें पगडंडी के स्थान पर पक्की सड़कें दीं; बैलगाड़ी से उतार कर गाड़ियों की सवारी कराई; चिट्ठियों पर आधारित संचार को मोबाइल की तकनीक दी और अंगीठी को इंडक्शन से रिप्लेस किया …उन सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद!
✍️ चिराग़ जैन