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सामाजिक जीवन के लोग

सामान्य जीवन के सुगम रास्ते को छोड़कर कुछ अलग करने का पागलपन मनुष्य को विशेष बनाता है, लेकिन इस विशेष जीवन का चुनाव करने वाले लोग (चाहे जिस भी क्षेत्र में हों) जो क़ीमत चुकाते हैं, उस पर कभी किसी का ध्यान नहीं जाता। बनी-बनाई राह छोड़कर अपनी पगडण्डी स्वयं बनानेवाले ये...

सामाजिक जीवन

बाहर से जीते-जीते हैं, भीतर से हारे-हारे हैं पल भर इनको रुककर देखो, ये सब लोग बहुत प्यारे हैं अपने सिर पर ओट रखी है, सारी दुनिया की सिरदर्दी इनकी दिनचर्या लगती है, घर भर को आवारागर्दी सामाजिक जीवन जीने की चाहत ने सब कुछ छीना है जो सबको जीवित रख पाये, वो जीवन इनको जीना...

पायल की रुनझुन

हर एक मुहूरत का जग में सत्कार मुझी से सम्भव है बाक़ी सब कुछ सम्भव है पर परिवार मुझी से सम्भव है बर्तन की खनखन चौके में पायल की रुनझुन आंगन में मेरे होंठो पर सजती है गीतों की गुनगुन सावन में जीवन के सोलह सपनों का सिंगार मुझी से सम्भव है बाक़ी सब कुछ सम्भव है पर परिवार...

कुण्ठित के नाम पाती

हे कुण्ठेश! जिसकी कविता में कमी न निकाल सको, उसकी प्रस्तुति पर प्रश्न खड़े कर दो। जिसकी प्रस्तुति भी परफेक्ट हो, उसकी कविता की विषयवस्तु को कठघरे में घसीट लो। जो इस मोर्चे पर भी अंटे में न आए, उसके चरित्र पर कीचड़ उछाल दो। जिसका चरित्र भी कीचड़ से बच जाए, उसके निजी जीवन...

काश हम समझ सकें!

हर इक मर्यादा के उस पार न हो जाएँ इक रोज़ कहीं हम सब, बीमार न हो जाएँ लाइक्स और कमेंट्स बटोरने की ललक सोशल मीडिया यूज़र्स से जो न करवा दे, वही कम है। इस होड़ में किसी की चरित्र हत्या होती हो, तो होती रहे; किसी की जीवन भर की साधना पर कालिख़ पुतती हो तो पुत जाये; किसी का...
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