+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

कन्या कुँवारी

कन्या एक कुँवारी थी छू लो तो चिंगारी थी वैसे तेज कटारी थी लेकिन मन की प्यारी थी सखियों से बतियाती थी शोहदों से घबराती थी मुझसे कुछ शर्माती थी बस से कॉलेज आती थी गोरी नर्म रुई थी वो मानो छुईमुई थी वो लड़की एक जादुई थी वो बिल्कुल ऊई-ऊई थी वो अंतर्मन डिस्क्लोज किया इक दिन...
error: Content is protected !!