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चंद्रग्रहण

कई रोज़ से देख रहा था कि बादल के आगोश से निकल कर और ख़ूबसूरत लगता था चाँद और बढ़ जाती थी उसकी चमक जैसे किसी ने फेशियल कर दिया हो प्यार का! लेकिन कल रात तमतमाया हुआ था चाँद का चेहरा शोले टपक रहे थे उसकी आँखों से क्योंकि कल रात जिस साये ने जकड़ लिया था चाँद को उसकी छुअन...
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