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सृजन-पथ

मौन लम्हों को पकड़कर शब्द में साकार करना भावसागर से अमिय का घट जुटाने-सा कठिन है कल्पना में कौंधते लाखों विचारों से उलझना इक उफनती बाढ़ को काबू में लाने-सा कठिन है राम का दुःख तब कहा जब रह गए तुलसी अकेले मेघदूतम् के रचयिता ने विरह के कष्ट झेले कृष्ण की इक बावरी ने विष...
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