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सनातन धर्म और सहिष्णुता

सनातन संस्कृति की सबसे ख़ूबसूरत बात यही है कि यहाँ भक्त और भगवान के मध्य जो बातचीत होती है, वह केवल भक्तिरस तक ही सीमित नहीं है। बल्कि उसमें काव्य के अन्य सभी रसों की सृष्टि सम्भव है। विश्व के अन्य किसी धर्म में यह चमत्कार सम्भव नहीं है। किसी अन्य धर्म के आराध्य की...

जैन धर्म के अनुयायी

हम जैन धर्म के अनुयायी हम नियम निभाने वाले हैं श्रावक अणुव्रत के धारी हैं श्रमणों ने महाव्रत पाले हैं हम सिद्धशिला का लक्ष्य बना, अरिहंतों की पूजा करते आचार्य कथित पथ को तजकर, नहीं काम कोई दूजा करते पाठक परमेष्ठी से पढ़कर मुनि मार्ग को जाने वाले हैं हम जैन धर्म के...

रामसेतु

इन नासमझों का होगा नहीं रे कल्याण रामधरा पर मांग रहे हैं रामलला के प्रमाण श्रीराम बसे हैं आंगन में, पावन तुलसी की क्यारी में श्री राम बसे हैं घर-घर में, आपस की दुनियादारी में श्रीराम हमारी आँखों में, श्रीराम हमारे सपनों में श्रीराम हैं सारे संबंधों में, सब रिश्तों...

प्रभु की वन्दना

नानक, कबीर, महावीर, पीर, गौतम को पंथ-देश-जातियों का नाम मत दीजिए जिनने समाज की तमाम बेड़ियाँ मिटाईं उन्हें किसी बेड़ी का ग़ुलाम मत कीजिए मन के फ़कीर अलमस्त महामानवों को रूढ़ियों से जोड़ बदनाम मत कीजिए प्राणियों के प्रति प्रेम ही प्रभु की वन्दना है भले किसी ईश को प्रणाम मत...

प्रार्थना

सब चोरी का माल है, वाणी-भजन-पुराण प्रेम-पत्र लिखवा रहे, ग़ैरों से नादान रटी-रटाई प्रार्थना, सुना-सुनाया ज्ञान बोर किया भगवान को, कैसे हो उत्थान ✍️ चिराग़...
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