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कुँए में भांग पड़ी है

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक की घटना पर दोनों तरफ़ के लोग जो ट्रोलिंग कर रहे हैं, वह अधिक दुःखद है। यह विषय देश के सर्वाेच्च नेतृत्व की सुरक्षा से जुड़ा है। इसमें परिहास और उपहास की कोई गुंजाइश नहीं है। बल्कि आदर्श स्थिति तो यह थी कि इसमें राजनीति की भी संभावनाएँ न...

चांद का किरदार

एक पल सूरज छिपा और फिर उजाला हो गया लेकिन इसमें चांद का किरदार काला हो गया साज़िशें सूरज निगलने की रची थीं चांद ने पर वो अपनी साज़िशों का ख़ुद निवाला हो गया ✍️ चिराग़...

हक़ीक़त

सितम का दर्द होता है बहुत गहरा नहीं छिपता मेरी नज़रों से आँसू का कोई क़तरा नहीं छिपता किसी के होंठ कितनी भी अदाकारी करें लेकिन बनावट से हक़ीकत का कभी चेहरा नहीं छिपता ✍️ चिराग़...

जीत की चाहत

चंद सस्ती ख्वाहिशों पर सब लुटाकर मर गईं नेकियाँ ख़ुदगर्ज़ियों के पास आकर मर गईं जिनके दम पर ज़िन्दगी जीते रहे हम उम्र भर अंत में वो ख्वाहिशें भी डबडबाकर मर गईं बदनसीबी, साज़िशें, दुश्वारियाँ, मातो-शिक़स्त जीत की चाहत के आगे कसमसाकर मर गईं मीरो-ग़ालिब रो रहे थे रात उनकी लाश...
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