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आवरण से आचरण तक

आवरण मात्र हैं वस्त्र आचरण नहीं! क्योंकि राम वैभव में भी राम ही रहे और वन में भी राम ही रहे लेकिन रावण वल्कल पहन कर भी नहीं हो सका साधु! ✍️ चिराग़...

प्रवृत्ति

मिट्टी में क्षमता होती बीज की प्रवृत्ति बदलने की तो एक ही गुरुकुल में एक ही गुरु से पढ़कर सभी शिष्य युधिष्ठिर बन जातेे कोई दुर्योधन न बना होता ✍️ चिराग़...
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