दूसरों के जूते में
जब मैंने कोशिश की
दूसरों के जूते में
पैर रखकर सोचने की
तब मुझे एहसास हुआ
कि जूते घिसना बेहतर है
पैर छिलने से।
✍️ चिराग़ जैन
Chintan ke Swar, Chirag Jain Writings, Free Verse, Poetry
जब मैंने कोशिश की
दूसरों के जूते में
पैर रखकर सोचने की
तब मुझे एहसास हुआ
कि जूते घिसना बेहतर है
पैर छिलने से।
✍️ चिराग़ जैन