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बापू के नाम पाती!

गांधी! जब कोई तुम्हें गाली देता है तब मुझे महसूस होता है कि जिस देश को तुमने दूसरा गाल आगे करने का पाठ पढ़ाया था उस देश के पास गाल है ही नहीं सिर्फ़ हाथ हैं जो तुम्हारे गाल पर थप्पड़ मार-मार कर तुम्हारा ही सबक याद करने का ढोंग कर रहा है। बापू! तुम्हारा कृतज्ञता ज्ञापन...

स्वीकार

पुष्प के मकरंद से महकी हवा तो बन्द कलियों की विकलता बढ़ गई है अधखुली-सी इक कली धीरज गँवाकर पुष्प से प्रतियोगिता पर अड़ गई है पंखुरी दर पंखुरी खिलना उचित है डाल ने दिन-रात समझाया कली को गंध निश्चित ही बिखरनी है हवा में कौन-सी जल्दी पड़ी है बावली को होड़ तज कर गंध को सींचो...

प्रतीक्षा की गली

प्रेम चलकर आएगा जब तक प्रतीक्षा की गली में तब तलक संसार भर में प्रीति जीवित रह सकेगी है समर्पण जब तलक तैयार सब कुछ हारने को उस घड़ी तक भावना की जीत जीवित रह सकेगी जब तलक बदली स्वयं बेचैन होकर झर न जाए तब तलक चातक उसे तकता रहेगा प्यास लेकर बदलियों की शुष्क लापरवाहियों...

स्मृति-नियंत्रण का वरदान

भारतीय राजनेताओं को स्मृति-नियंत्रण का एक विशेष वरदान प्राप्त है। इसी वरदान के आधार पर वे सत्ता के दुर्ग बना पाते हैं। यह विशेष सुविधा ही उन्हें शर्मिंदा होकर डूब मरने से बचा लेती है अन्यथा हमारा देश राजनेताओं से विहीन हो चुका होता। लालूप्रसाद यादव के साथ गठबंधन करते...

उस पल मुझको रोना आया

जब तुम चल दी राह बदल के दो आँसू ना आँख से छलके जब मैंने घर वापस आकर, ख़ुद घर का दरवाज़ा खोला घर के भीतर घर ग़ायब है, ये घर का हर कोना बोला जब तुमको आवाज़ लगाई और न कोई उत्तर पाया उस पल मुझको रोना आया यादों के सौन्धे बिस्तर पर, मैं बिल्कुल एकाकी सोया तब समझा, मैंने क्या...
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