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ठहाकों का दौर

ग़मों का दौर है आफत में जान है लेकिन कुछ ऐसी बात चले रंग और हो जाए फिर एक बार फुर्सतों पे नूर आया है चलो कि फिर से ठहाकों का दौर हो जाए ✍️ चिराग़...
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