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इतना-सा प्यार

अपनेपन के बाहुपाश में धड़कन ने ये शब्द सुनाए- “अलग-अलग कर्त्तव्य रहें; पर आपस का अधिकार बहुत है।” बस इतना-सा प्यार बहुत है सबकी अपनी-अपनी गति है, सबका अपना-अपना पथ है सूरज के कुनबे में लेकिन, ना कोई इति है ना अथ है हम-तुम अगर निकट से गुज़रे, इस अनवरत अथक...
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