+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

किशन सरोज जी नहीं रहे

ले गया चुनकर कँवल कोई हठी युवराज ताल के शैवाल-सा हिलता रहा मन स्वर्ग का युवराज गीत-सरोवर के सबसे ख़ूबसूरत कँवल को ले चला और गीतों के रसिकों का मन काँपता रह गया। विरह और पीड़ा से परिपूर्ण किशन सरोज जी का कवित्व गीत की सबसे परिष्कृत शब्दावली का साधक था। मेहंदी रचे हाथों...
error: Content is protected !!