+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

इधर भी है उधर भी

कुर्सी का घमासान इधर भी है, उधर भी दो लोगों का गुणगान इधर भी है, उधर भी जो डेडिकेट है वो सिर्फ झंडे उठाए दल बदलुओं का मान, इधर भी है उधर भी जो हाँ में हाँ मिलाए, वही पद पे रहेगा सच कहने में नुक़सान इधर भी है, उधर भी किस्मत न बदल पाओ तो क्यों दल बदल रहे सिद्धू तो...

देश को महान कौन करता

यदि इतिहास वाले लोग हम जैसे होते बोलो दुविधाओं का निदान कौन करता झाँसी वाली रानी कर लेती समझौता गर राष्ट्र के निमित्त बलिदान कौन करता भगत भी चाटुकारों वाली भाषा सीख लेते भारतीयता पे अभिमान कौन करता नेताजी सुभाष औ पटेल होते स्वार्थी तो फिर मेरे देश को महान कौन करता ✍️...

तिरंगा

अपना तिरंगा एक परचम ही नहीं है भावनाओं की बहार-सी है तीन रंग में छोटे-छोटे बालकों के अधरों पे बिखरी जो वही एक पावन हँसी है तीन रंग में प्रेम, त्याग, एकता, अखण्डता, समानता से ओत-प्रोत आत्मा बसी है तीन रंग में खादी वाले मोटे रेशों का ही ताना-बाना नहीं भारत की एकता कसी...
error: Content is protected !!