रौशनी
जब कोई शख़्स
कोशिश करता है
सूरज से
आँख मिलाने की
तो केवल
आँखें ही नहीं चुंधियाती
त्यौरियाँ भी
पड़ जाती हैं
माथे पर!
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Free Verse, Mann To Gomukh Hai, Poetry
जब कोई शख़्स
कोशिश करता है
सूरज से
आँख मिलाने की
तो केवल
आँखें ही नहीं चुंधियाती
त्यौरियाँ भी
पड़ जाती हैं
माथे पर!
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Do Misron Ke Beech, Muktak, Poetry
मरने की बात हो चुकी जीने की बात कर
गाली-गलौज छोड़, करीने की बात कर
सीने के नाप से ये सियासत न चलेगी
अब आम आदमी के पसीने की बात कर
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Naavik ke teer, Prose, Quotation
इससे पहले कि लोग तुम्हें कंधा दें, तुम उनको अपने जीवित होने का प्रमाण दे दो।
✍️ चिराग़ जैन