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खेल-खिलवाड़

भारत जवान दिखने और खोई जवानी वापस पाने के विज्ञापन करता रह गया और दुनिया बूढ़ा दिखाने वाली फेसबुक एप्प पर मर मिटी। अपने आपको जवानी के बाद के अधेड़ या वृद्ध गेटअप में देखकर लोग बड़े ख़ुश हुए। हमें कभी इस तरह की किसी तकनीक की ज़रूरत ही नहीं पड़ी। हमारे देश में ग़रीबी और...

लाक्षागृह का अतिथि

लाक्षागृह का अतिथि आख़िर, कैसे प्राण बचाए इससे वो ही बच पाया, जो औरों को मरवाए न्याय भवन में जनहित का इक ढोंग चलाया जाता है ऊँची-ऊँची बातें करके पास बुलाया जाता है फिर धोखे से इस चौसर के पासे बदले जाते हैं इस दलदल में धर्मराज तक अपराधी बन जाते हैं सिंहासन तन-मन से...

हम भारत के लोग

हम भारत के लोग एक ऐसे तंत्र में जीने को विवश हैं, जहाँ जनता का शासन, जनता के प्रति कोई जवाबदेही महसूस नहीं करता। टेलिविज़न पर जो विज्ञापन आते हैं उनका एकमात्र उद्देश्य अपना माल बेचना होता है। दीवाली आती है तो वे अपने माल के विज्ञापन में दीवाली फेस्टिवल का जुमला जोड़...

कश्मीर विलय

बड़बोलों को भी तो समझा लो नकेल कोई डालो इन्हें भी ज़रा टोक दीजिये कोढ़ मिटा है लेकिन मद में बिल्कुल फूल नहीं जाना जिसमें घृणा पढ़ाई जाए, उस स्कूल नहीं जाना जश्न मनाना लेकिन हरगिज़ आउट ऑफ रूल नहीं जाना उनकी इज़्ज़त, अपनी इज़्ज़त, इसको भूल नहीं जाना अपने मन को भी कुछ तो खंगालो...

राजेन्द्र राजन : हिंदी गीत की साकार प्रतिभा

किसी की भावनाओं का सत्कार करना, प्रेम है। किसी की अनुभूतियों को शब्द में ढलने से पहले ही अक्षरशः समझ लेना, प्रेम है। किसी के अभीष्ट को अपनी आकांक्षाओं से अधिक वरीयता देना, प्रेम है। अनुभूतियों को अभिव्यक्त करने का कौशल, काव्य सृजन की प्रथम अर्हता है। यही कारण है कि...
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