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लपेटे में नेताजी

लगभग पांच साल तक चिराग़ जैन ने न्यूज़ 18 इंडिया के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लपेटे में नेताजी’ में भाग लिया है। इस कार्यक्रम में समसामयिक विषयों पर राजनैतिक व्यंग्य की पद्य रचनाओं का प्रसारण किया जाता है। इतनी लम्बी अवधि में पैरोडी, हास्य, व्यंग्य, छंदमुक्त तथा मुक्तछंद की रचनाओं के अतिरिक्त घनाक्षरी, सवैये तथा गीत आदि की खूब सर्जना हुई।
यद्यपि इन सब रचनाओं का आधार तात्कालिक घटनाएं हैं, तथापि इनमें साहित्य का सर्वदा अभाव नहीं है। इन सभी रचनाओं को हमने किसी पुस्तक के रूप में संकलित करने का मन बनाया है। उन सभी रचनाओं को इस खंड में पाठक पढ़ सकते हैं। ये सभी रचनाएं एक क्रम में लगाने पर पद्यात्मक इतिहास का सा चेहरा बना लेती हैं।

अनुक्रम

मध्यम वर्ग की पीड़ा

तुम लड़ते रहे चुनाव, ओ साब मेरी थाली खाली है रही है मुझसे टैक्स वसूला जाए, उन्हें चढ़ावा जाए मैं देकर भी झिड़की खाऊँ, वो खाकर गुर्राए वो मुझे दिखावें ताव, ओ साब मेरी जेब मवाली है रही है मध्यम वर्ग बनाकर मुझको, दोनों ओर निचोड़ा इन्हें दान दो, उन्हें मान दो, नहीं कहीं का छोड़ा मेरा बढ़ता रहा अभाव, ओ...

बजट 2024

मैंने सरकार से पूछा जब एक लाख सालाना आय वाले पैसे मांगने आए तो आप क्या कर लेंगे सरकार बोली करना क्या है हम उन्हें जॉब देने वालों को न्यूनतम वेतन कानून उल्लंघन का चार्ज लगाकर धर लेंगे हमने पूछा ये इंटर्नशिप की योजना में तो काफी लोचा है क्या आपने सोचा है लोग नकली इंटर्नशिप दिखाकर पाँच हज़ार रुपये...

भाजपा की चुनावी रणनीति

जब खेलन देनउ नाय तो हाय जे खेल को ड्रामा काइं करनौ बैटिंग करनेवालन के बल्ले ही तोड़ दए हैं रन लेनेवालन के दोनूं जूते जोड़ दए हैं सीमा कू चर गई गाय आय हाय जे खेल को ड्रामा काइं करनौ कैसे फेंकें गेंद समूची पिच ही खोद रखी है अपनी तीनों किल्ली तुमने भगवा पोत रखी हैं भगवा कू कौन गिराय मर जाय जे खेल को...

मनमोहन सिंह के बयान पर सियासत

जिनको मौनी बाबा कह के चिढ़ाया उन्हीं का बयान ले उड़े पहले तुमको निहत्था बताया फिर हाथ से कमान ले उड़े कहने भर को पीएम थे पर बोल न पाए मनमोहन हाथ हिलाना दूर, होंठ तक खोल न पाए मनमोहन अपने ही घर में प्रतिभा का मोल न पाए मनमोहन अपना ऑर्डिनेंस फटने पर डोल न पाए मनमोहन उनके होंठों पे ताला लगाया ये पूरा...

भाजपा और चुनाव

केलकूलेटर ने भी पकड़े हैं कान ये जादू मन्तर कैसे सीखा कहीं मिलते नहीं हाथों के निशान ये जादू मन्तर कैसे सीखा नगालैंड में ख़ुद प्रत्याशी वोट न करने आता त्रिपुरा में वोटिंग पर्सेंटेज सौ से ऊपर जाता सौ पर्सेंट से भी ज़्यादा मतदान ये जादू मन्तर कैसे सीखा प्रत्याशी के प्रस्तावक ही अंडर ग्राउण्ड हुए हैं...

कुर्सी की खुमारी

सबने भर भर के अपनी पिचकारी, विरोधियों पे मारी होली का चढ़ा रंग भाइयो! कहीं लाठी बजी है कहीं गारी, कहीं कुर्सी की खुमारी सभी का न्यारा ढंग भाइयो! बच्चन जी ने खूब कहा था मेल कराती मधुशाला पर सत्ता का कैसा-कैसा खेल कराती मधुशाला शिक्षामंत्री जैसों को भी फेल कराती मधुशाला अब जाकर ये ज्ञान हुआ है, जेल...

डेमोक्रेसी को बचा लो

डेमोक्रेसी को बचा लो तुमको कुर्सी की कसम इसकी टूटी नाव संभालो तुमको कुर्सी की कसम जो अपने खेमे में है उसकी फाइल दबवा दो जो विरोध करता हो उसकी कचहरी लगवा दो इस आदत पर मिट्टी डालो तुमको कुर्सी की कसम रामदेव के आंदोलन पर लाठीचार्ज कराया अब पसली टूटी तो नैतिकता का पाठ पढ़ाया भैया कुछ तो ठीक लगा लो...

ईडी और राहुल गांधी नैशनल हेराल्ड केस

ईडी दफ्तर में पेशी करा दी, घिरे हैं राहुल गांधी सत्ता का है ये खेल भाइयो ऐसे प्रश्नों की झड़ियां लगा दी, घिरे हैं राहुल गांधी है नाक में नकेल भाइयो समन भेज कर पलट दिया है खेल समूचा ईडी ने बिन बल्ले के शॉट लगाया कितना ऊँचा ईडी ने ग्यारह घण्टे तक बैठाकर की है पूजा ईडी ने जिनको कोई नहीं पूछता उनको...

भाजपा ने प्रवक्ताओं को फटकार लगाई

धुन: डोली में बिठाइके कहार... अभी तो लगाई फटकार जल्दी ही लेना पुचकार जड़ दिया मुँह पर प्रवक्ता के ताला नूपुर हुए हैं ख़ामोश जो हमसे अब अपना दामन बचाय रहे उनने ही भरा था ये जोश लुट गया अचानक लुट गया न जाने कैसे लुट गया साहिब का प्यार अभी तो लगाई फटकार जो भी विरोधी मिला उसको ही हमने जी भर के कर दिया...

इधर भी है उधर भी

कुर्सी का घमासान इधर भी है, उधर भी दो लोगों का गुणगान इधर भी है, उधर भी जो डेडिकेट है वो सिर्फ झंडे उठाए दल बदलुओं का मान, इधर भी है उधर भी जो हाँ में हाँ मिलाए, वही पद पे रहेगा सच कहने में नुक़सान इधर भी है, उधर भी किस्मत न बदल पाओ तो क्यों दल बदल रहे सिद्धू तो परेशान इधर भी है उधर भी मुफ्ती,...

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