उतरना
मैंने नाव से सीखा है
कि
तरने की प्रक्रिया
प्रारंभ होती है
उतरने से!
✍️ चिराग़ जैन
Chintan ke Swar, Chirag Jain Writings, Free Verse, Poetry
मैंने नाव से सीखा है
कि
तरने की प्रक्रिया
प्रारंभ होती है
उतरने से!
✍️ चिराग़ जैन
Chintan ke Swar, Chirag Jain Writings, Free Verse, Poetry
मिट्टी में
क्षमता होती
बीज की प्रवृत्ति बदलने की
तो
एक ही गुरुकुल में
एक ही गुरु से पढ़कर
सभी शिष्य युधिष्ठिर बन जातेे
कोई दुर्योधन न बना होता
✍️ चिराग़ जैन
Chintan ke Swar, Chirag Jain Writings, Free Verse, Poetry
मैं
जिससे डरता हूँ
उसे डर बना रहता है हमेशा
कि कहीं
मैं उससे डरना
बंद न कर दूँ।
✍️ चिराग़ जैन
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