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सरस्वती वंदना

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बंद कपाटों पर तुम आए

इस जीवन में चूक हुई है, बंद कपाटों पर तुम आए आँखों तक अँधियारा पैंठा, तब तुमने कुछ दीप जलाए अब इन दीपों के ईंधन से, केवल ऊष्मा ग्रहण करूंगा अगले जन्म अगर आया तो, उजियारों का वरण करूंगा शास्त्र बनाते मोक्षपथिक पर, प्यास मुझे इक और जन्म की बहुत जटिल लगती हैं मुझको, नीरस...

द ग्रेट तीतरबाज़ डेमोक्रेसी

काफी समय पहले तीतरों के समाज में एक नालायक तीतर ने लड़ाई-भिड़ाई से समय निकाल कर कुछ पढ़ने-लिखने की ठानी। युवा तीतर की इस इच्छा से तीतर समाज बहुत दुखी हुआ। कई बुज़ुर्ग तीतरों ने उसे समझाया कि बेटा, इस पढाई-लिखाई में कुछ नहीं रखा है। लड़ाई-झगड़ा करोगे तो कुछ बन जाओगे। आज का...

अभय

मीत तुम चाहतों से डरा मत करो चाह की जीत दिखलाउंगा एक दिन मुक्त हो जाओगी तुम विवशताओं से एक बंधन सजा जाउंगा एक दिन तुम अगर कर सको तो यही बस करो जब खुलें पंख तो रोकना मत उन्हें जब कभी कामनाएँ तरल हो उठें तो किसी लाज से सोखना मत उन्हें रीत जाना नहीं, रीतियों की तरह मैं...

तपस्या

जब मुझे विश्वास होगा, तुम मुझे हासिल न होगे मैं पुनः संसार सागर में स्वयं को झोंक दूंगा जो रसायन दग्ध करता है हृदय को, धमनियों को व्यस्तताओं से उसी की हर क्रिया को रोक दूंगा जिस घड़ी होगा सुनिश्चित, भाग्य रेखा में नहीं तुम बस तभी इक वक्र रेखा, शुक्र पर्वत छोड़ देगी जब...
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