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मेरो आज सकूटर बिक जायगौ

मेरो काट दयो चालान, हाय राम मेरो आज सकूटर बिक जायगौ मेरी सूख रही है जान, भगवान मेरो आज सकूटर बिक जायगौ इत कू सिगनल झपकी देवै, उतै पुलिसिया घूरै जेब सहम कर हाथ पकड़ ले, अण्टी झूला झूलै मेरो भटक गयो है ध्यान, भगवान मेरो आज सकूटर बिक जायगौ जहाँ नैक गीयर बदलें वां बैरीगेट...

दल बदलू का कार्यकर्ता

कल तक जो थे दोस्त, कहा अब उनको दुश्मन मान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनको गाली दी थी जुमला छाप जुगाली की थी अब कहते हो गाली छोड़ करें उनका गुणगान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनके कपड़े फाड़े हमने जिनके टैंट उखाड़े अब तुम ख़ुद ही बैठ गये हो उनका तम्बू तान हम पुतले हैं या...

उदित राज के विवादित बयान

कैसे देते हो विवादित बयान बताओ ये कहाँ से सीखे ऐसी बातें ही क्यों करते श्रीमान बताओ ये कहाँ से सीखे बीच बहस में क्यों चैनल को छोड़ चले आते हो अपनी-अपनी कहते, औरों की नहीं सुन पाते हो झट से हो जाते हो कैसे अंतर्धान बताओ ये कहाँ से सीखे कभी कुम्भ के मेले पर ही प्रश्न उठा...

उदित राज को समर्पित

जब तक टिकट नहीं कट जाती तब तक सब कुछ चलता है सब कुछ है चलता है टिकट का कटना खलता है जिस पुलवामा की घटना को साज़िश आप बताए उस घटना के घटने पर क्यों दल को छोड़ न पाए जिसकी खाट खड़ी हो जाए वो ही आँखें मलता है आंखें मलता है, टिकट का कटना खलता है राष्ट्रपति को गूंगा-बहरा कहते...

विद्वेष और कविता

कविता मुहब्बत की ज़ुबान है। किसी भी परिस्थिति में घृणा के उद्वेग बोने का काम कविता नहीं कर सकती। कविता बलिदान का शौर्यगायन कर सकती है, किन्तु किसी को ‘किसी भी परिस्थिति में’ बलि लेने के लिए उकसा नहीं सकती। किसी भी वाद या विचार से दूर मनुष्यता को सर्वाेपरि रखना कवि होने...
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