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युद्ध के बाद

दो देश आमने-सामने खड़े हैं। सीमा पर तनाव है। नभ, थल और जल में होनेवाली हर आहट किसी अनहोनी की आशंका से मन कँपा रही है। यह कंपन, भय का कंपन कतई नहीं है। देश की रक्षा में तैनात वीर बेटों को मृत्यु से भयभीत होने की फ़ुर्सत होती ही कहाँ है। मीडिया, युद्ध के उन्माद को भुनाकर...

मेरा धर्म

कृष्ण : युद्ध लड़ो पार्थ! अर्जुन : युद्ध किसी के हित में नहीं है माधव। कृष्ण : किन्तु युद्ध क्षत्रिय का धर्म है कौन्तेय। अर्जुन : फिर आप शांतिदूत बनकर हस्तिनापुर क्यों गए थे मधुसूदन? कृष्ण : क्योंकि वह मेरा धर्म था कौन्तेय। ✍️ चिराग़...

मातम का माहौल न जाने

ज़िद पर आ जाएं तो क्या से क्या कर डालें साहिब जी नाले के बहते पानी से आग जला लें साहिब जी दर्द तुम्हारा सुन भी लेंगे, कर भी देंगे ठीक इलाज लेकिन पहले ख़ुद तो अपने होश संभालें साहिब जी मातम का माहौल न जाने कितना लम्बा चलना है पहले अपना बढ़िया से फोटू खिंचवा लें साहिब जी...

ढाक के तीन पात

आवेग बीत चुका है। भारतीय मानस में सुलग रहे शोलों पर रोज़मर्रा की ज़रूरतों के छींटें पड़ चुके हैं। मीडिया अगली बड़ी ख़बर आने तक पुलवामा को ब्रेकिंग न्यूज़ बनाए रखने के लिए विवश है। इसी कारण भारतीय गाली-गलौज से निचुड़ने वाली सारी टीआरपी बटोरने के बाद अब हमें पाकिस्तानी गालियाँ...

द्वितीयो नास्ति

भारत देशभक्तों का देश है। किसी भी आपदा की स्थिति में हम आपदा के निवारण करने की बजाय अपनी देशभक्ति साबित करने में व्यस्त हो जाते हैं। हमारे पास देशभक्ति की कसौटी पर कसने के लिए राजनीति है और देशभक्ति के रास्ते पर मिटने के लिए सेना। इसलिए हम अपने हिस्से की देशभक्ति...
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