डर जाएगा चीन
चीनी बॉर्डर पर करो, सबको क्वारन्टीन।
अपने ही हथियार से, डर जाएगा चीन।।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Doha, Lapete Mein Netaji, Poetry
चीनी बॉर्डर पर करो, सबको क्वारन्टीन।
अपने ही हथियार से, डर जाएगा चीन।।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Do Misron Ke Beech, Doha, Poetry
हँसकर मेरे हाल पर, कहने लगा गिटार।
सुर तब ही गुंजित हुए, कसे रहे जब तार।।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Do Misron Ke Beech, Doha, Poetry
उत्सव से ऐसे करो, जीवन का शृंगार।
ज्यों मावस की रात में, दीपक का उजियार।।
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Do Misron Ke Beech, Doha, Poetry
बरखा, बादल, बीजुरी, रिमझिम, झर-झर नीर
मीत संग सब नीक है, बिरहन कू सब पीर
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Do Misron Ke Beech, Doha, Poetry
अपना भी त्योहार है, उनका भी त्योहार।
अब तो मीठा कीजिये, आपस का व्यवहार॥
रथ पर शोभित हो गए, जगन्नाथ महाराज।
उनका रूप निहारने, ईद आई है आज॥
✍️ चिराग़ जैन
Chirag Jain Writings, Do Misron Ke Beech, Doha, Poetry
उत्सव हो, आह्लाद हो, हो अनुपम उल्लास।
अधरों पर मुस्कान हो, अन्तस में मधुमास।।
✍️ चिराग़ जैन