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व्यक्तित्व

एक अज्ञात कलाकार ने हवा में कुछ लकीरें बनायीं कुछ खड़ी रेखाएँ जैसे भृकुटि के मध्य त्यौरियाँ पड़ती हैं कुछ आड़ी रेखाएँ जैसे ललाट पर बौद्धिकता उभरती है। कुछ अर्द्धवृत्ताकार जैसे नयनों के नीचे की चिन्ताएँ कुछ हल्की पनियाई जैसे आँखों की कोरों पर तैरती इच्छाएँ कुछ होंठों पर...

अद्भुत थे प्राण।

अपने हर चरित्र में जो मनोवैज्ञानिक इंजीनियरिंग की वो कमाल थी। चाचा चौधरी का दिमाग़ बड़ा बनाया और होंठ मूछ में छुपा दिए। साबू का शरीर बड़ा बनाया। पिंकी, बिल्लू, चाची इन सबके आकार में एक प्रकार था। साबू जैसे चरित्र की कल्पना कार्टून जगत् में एलियन का प्रादुर्भाव था। संभवतः...
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