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इन्ट्यूशन

अक्सर पहले ही आभास हो जाता है मुझे किसी संबंध के दरकने का। और हर बार देर तक पछताने के बाद संतुष्ट हो जाता हूँ मैं कि आख़िर सही निकला मेरा अनुमान। ✍️ चिराग़...

एक काॅलम हादसा

कौन सोचे किन चनों के साथ कितना घुन पिसा जी रही है दामिनी या मर रही महरुन्निसा आज तो अख़बार की दरकार है केवल यही सात काॅलम सनसनी और एक काॅलम हादसा ✍️ चिराग़...

भीड़ के पार

हर शख़्स तलाशता रहता है कोई एक चेहरा उस भीड़ के पार जिससे घिरा खड़ा है हर शख़्स! ✍️ चिराग़...

पेशावर की चीख़

ढेर सा है स्कूल के इक रूम में बच्चों के बस्तों का और उन बस्तों के बच्चों का! धूल में लथपथ कोई आदिल कभी जब स्कूल से घर लौटता था तो वो अम्मी की ढेरों गालियों से होके कमरे तक पहुँचता था आज वो आँगन में है और खून से लथपथ मगर अम्मी के होंठों से कोई अल्फाज़ गिरता ही नहीं है।...

अल्लाह हमारे साथ है

जेहादियों ने कहा- “अल्लाह हमारे साथ है” बच्चों ने कहा- “अल्लाह हमारे साथ है” फिर ज़ेहादियों की बंदूकों ने सैंकड़ों मासूम मौत के घाट उतार दिए फिर ज़ेहादी ख़ुद को शहीद मानकर अल्लाह के पास गए वहाँ अल्लाह नहीं मिला उसका लहूलुहान जिस्म मिला उसके जिस्म...
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