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होली के दो रंग

दुनिया में होली शायद एकमात्र ऐसा त्योहार है जिसकी तैयारी में नहाना कतई ज़रूरी नहीं है। बल्कि यूँ कहें कि होली के लिए तैयार होते समय नहाना निषेध है। अन्य त्योहारों की तरह इस दिन नए-नए नहीं, पुराने-पुराने कपड़े पहने जाते हैं। छेदवाली बनियान पर घिसे हुए परिधान पहनकर सजे...

कुर्सी की खुमारी

सबने भर भर के अपनी पिचकारी, विरोधियों पे मारी होली का चढ़ा रंग भाइयो! कहीं लाठी बजी है कहीं गारी, कहीं कुर्सी की खुमारी सभी का न्यारा ढंग भाइयो! बच्चन जी ने खूब कहा था मेल कराती मधुशाला पर सत्ता का कैसा-कैसा खेल कराती मधुशाला शिक्षामंत्री जैसों को भी फेल कराती मधुशाला...

होली : एक अवसर

होली; मनुष्य को भीतर से बाहर तक एकरूप कर देने का त्योहार। होली; अलग-अलग रंगों के एकरंग हो जाने का अवसर। होली; शालीनता और नैतिकता के बोझ को किनारे रखकर कुछ क्षण स्वाभाविक हो जाने का पर्व। होली; सभ्यता के आडम्बर से मुक्त होकर सहजता की धारा में डुबकी लगाने का रिवाज़। होली...

रंग में भंग

होली के हुड़दंग में रंग में भंग पड़ गयी इधर ठण्डाई गले से नीचे उतरी उधर भांग सिर पर चढ़ गई भोले की बूटी ने ऐसा झुमाया कि हाथ को लात और सिर को पैर समझ बैठा चूहा भी ख़ुद को शेर समझ बैठा नशे की झोंक में लफड़ा बड़ा हो गया पत्नी के सामने तनकर खड़ा हो गया पत्नी ने आँखें दिखाई तो...

हिरण्यकश्यप होने का नुक़सान

स्वयं को भगवान मानने की महत्वाकांक्षा में हिरण्यकश्यप ने होलिका के वरदान का दुरुपयोग किया। चिता ने चीख-चीख कर कहा कि, ‘मूर्ख हिरण्यकश्यप, जनता पर इतना अत्याचार न कर कि तेरे ही महल के खंभे तेरे विनाश का उद्गम बन जाएँ!’ मदान्ध राजा ने चिता की बात अनसुनी कर दी। फिर एक...
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