+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

प्लानर

रात के सन्नाटे में ‘प्लानर’ लेकर बैठा। सोचा, कुछ सुनियोजित कर लूँ अपने काम-धाम! घण्टे-सवा घण्टे तक पृष्ठ दर पृष्ठ लिखता रहा प्रोजेक्ट्स और पेंडिंग्स! …तभी सन्नाटे को चीरती हुई मेरे कानों में गूंजी किसी कुत्ते के रोने की आवाज़… …और मैंने एक मद्धम-सी कँपकँपी के साथ बन्द...
error: Content is protected !!