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समय-चक्र

सदा कसा ही नहीं रहेगा, जीवन पर कष्टों का फंदा सूरज तेरी यही रौशनी, ठंडी करके देगा चंदा रिश्तों के अपनेपन का भी, पीड़ा रूप बदल जाती है जिनके बिन जीवन मुश्किल था, उनकी संगत खल जाती है जितना तेज़ तपेगा सूरज, उतना अधिक मेह बरसेगा जितना ज्यादा विरह सहेंगे, उतना गहन नेह...
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