+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

भारतीय सेना और पाकिस्तान

भारतीय सेना दैदीप्यमान सूरज है। उसे घूर कर देखोगे तो उसके बाद एक दिन क्या पूरा जीवन ही काला दिखाई देगा। हमें क्या पता था कि कश्मीरियों ने जो पत्थर भारतीय सेना पर फेंके थे वो पाकिस्तान की अक्ल पर जा पड़ेंगे। जिस सिस्टम से हम जीवन की मूलभूत ज़रूरतों की मांग करते हैं, वो...

खुद से दूर

महफ़िलों की तेज़ नज़रों से छिटककर रो पड़ा मन हुआ भारी तो इक पल को पलटकर रो पड़ा राम जाने एक सूने घोंसले को देखकर इक मुसाफिर क्यों अचानक से बिलखकर रो पड़ा प्यार से, झुँझलाहटों से हर तरह रोका उन्हें और फिर बेसाख़्ता लाचार होकर रो पड़ा अपने सब अपनों को खुद से दूर जाता देखकर...

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कृतज्ञ राष्ट्र का सन्देश

श्रद्धेय राजनीतिज्ञो! स्वाधीनता के सात दशक बीत चले हैं। इतनी लंबी अवधि किसी भी समाज में विसंगतियों और विद्रूपताओं के प्रवाह हेतु पर्याप्त है। सामान्यतया स्वाधीन हो चुके समाजों में अचानक पनपे अधिकार भाव के कारण इस प्रकार की स्थितियां सहज पनप जाती हैं। किन्तु आप...

दुर्बुद्धि

दुर्योधन को समझाने वाले उस युग के सर्वाधिक प्रज्ञाशील लोग थे। स्वयम् श्रीकृष्ण, महात्मा विदुर, गंगापुत्र भीष्म, आचार्य द्रोण, कृपाचार्य और गांधारी जैसी मेधाओं का समवेत प्रयास भी उस एक युवक को हठ त्यागने के लिए राजी न कर सके। इसी प्रकार केकैयी को समझाने वालों में...

हर ख़ुशी वनवास में है

कोई तो मंथरा रनिवास में है अवध की हर ख़ुशी वनवास में है अवध वालो हृदय को वज्र कर लो कोई पत्थर छुअन की आस में है कोई हठ पर अड़ा कोई नियम पर मगर दशरथ गहन संत्रास में है विवादों में तो कठिनाई बहुत है क्या उससे भी अधिक उल्लास में है दिलों में राम बसते हैं हमारे मगर रावण...
error: Content is protected !!