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पुत्री के जन्म पर

इक किरण सूर्य की आई हो जैसे धरती के प्रांगण में वैसे ही आई है बिटिया मेरे मुस्काते जीवन में उसके आ जाने से मेरी मुस्कानों ने मआनी पाए उसको गोदी में ले चूमा तो अन्तस् ने उत्सव गाए शब्दों को ख़ूब निचोड़ लिया फिर भी यह गान अधूरा है बिटिया के जन्मोत्सव के इस सुख का अनुमान...
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