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विविधता

(एक) आलीशान शोरूम के चमचमाते शोकेस में महंगी विग सिर पर लगाये हज़ारों रुपये के लहंगे से सजा इतरा रहा था पुतला। (दो) अंग्रेजी स्टाइल के फास्ट-फूड कॉर्नर में जगमगा रहा था आकर्षक-स्वादिष्ट राजकचौरी से सजा महंगा ख़ूबसूरत काउण्टर …मद्धम नीले प्रकाश के साथ। बोनचाइना के...

सब कुछ तेरे पास है

अपने भीतर झाँक ले, अपना हृदय टटोल सब कुछ तेरे पास है, अपनी आँखें खोल ✍️ चिराग़ जैन

शायरी

शायरी इक शरारत भरी शाम है हर सुख़न इक छलकता हुआ जाम है जब ये प्याले ग़ज़ल के पिए तो लगा मयक़दा तो बिना बात बदनाम है ✍️ चिराग़...

दिल में कोई कराह

बाक़ी नहीं है दिल में कोई कराह शायद मुद्दत हुई, हुए थे, हम भी तबाह शायद फिर से जहान वाले बदनाम कर रहे हैं फिर से हुई है हम पर उनकी निगाह शायद किस बात पर तू सबसे इतना ख़फ़ा-ख़फ़ा है तुझको कचोटता है तेरा गुनाह शायद फिर रेत पर लहू की बूंदें दिखाई दी हैं कोई ढूंढने चला है सहरा...

ग़लतफ़हमी

एक लमहे के लिए सारी जवानी काट दी ठीकरों की चाह में इक फ़स्ल धानी काट दी इक न इक दिन कोई तो समझेगा हाले-दिल मिरा इस ग़लतफ़हमी पे सारी ज़िन्दगानी काट दी ✍️ चिराग़...
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