+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

भाजपा आ गई

एक समय था जब मीडिया वाले भी सच बोलते थे सरकारी घोषणाओं की कलई खोलते थे फिर हर तरफ बस एक ही तस्वीर छा गई क्योंकि देश में भाजपा आ गई विश्वास करो भाईसाहब पैट्रोल पंप पर सिर्फ़ ईंधन का व्यापार होता था फिर आ गई भाजपा अब वहाँ भी साहिब का प्रचार होता था ईडी और सीबीआई...

आचार्य विद्यासागर की समाधि

सभी का मन सशंकित हो रहा था बहुत दिन से कहीं कुछ खो रहा था जुड़े सब हाथ ढीले पड़ गए थे पनीले नेत्र पीले पड़ गए थे तपस्या चरम तक आने लगी थी ये भौतिक चर्म कुम्हलाने लगी थी व्रतों पर नूर इतना चढ़ गया था कि तन का रंग फीका पड़ गया था हुई जर्जर तपस्यायुक्त काया तो यम...

गए साल को सलाम

ऐ गये साल तुझे मैं न भूल पाऊंगा तू मेरे कितने ही ख़्वाबों को सच बना के गया तू मेरी ज़िन्दगी में ख़ुशनसीबी ला के गया मैं क्या गिनाऊँ, तेरे पहले क्या न था मुझमें मैं क्या बताऊँ, तूने क्या सुक़ूं भरा मुझमें जो तुझसे पहले मिला था, वो कुछ छिना भी है मेरे वजूद मेें ‘कुछ’ ख़ैर...

मेरी मौत की ख़बर

एक रात एक न्यूज़ चैनल स्पीड की सारी हदें पार कर गया न्यूज एंकर ने मेरे टीवी पर मुझे ही बताया कि मैं मर गया नेशनल चैनल की न्यूज़ थी इसलिए संदेह भी नहीं कर सकता था और मीडिया का इतना सम्मान करता हूँ कि इस ख़बर को सच साबित करने के लिए मैं सचमुच मर सकता था मैंने भी एक झटके...

शेर का मुँह

पहले शेर ने दूसरे से कहा यार इतना समृद्ध तो यह देश कभी नहीं रहा हो न हो, अपने भारतीय विकास की सबसे ऊँची सीढ़ी चढ़ रहे हैं ज़रूरत के लिए नहीं मूरत के लिए लड़ रहे हैं। दूसरे का उत्तर सुनने से पहले तीसरा शेर बीच में ही बोल पड़ा जितना ये लड़ रहे हैं उतना तो अपना अशोक भी...

विक्रम और बेताल

विक्रम तुम तो वर्तमान हो बल, विवेक, सामर्थ्य सभी कुछ मिला-जुलाकर आगत का सिंगार करो तुम ये क्या अपने कंधे पर तुम भूत लादकर घूम रहे हो क्या तुमको आभास नहीं है जब भी तुम उस प्रेतकाय के उलझे केशों से उलझे हो तब तब तुम अपने भविष्य को पीठ दिखाए खड़े रहे हो और कभी जब उसे...
error: Content is protected !!