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पेशा

हर पेशे की अपनी-अपनी ब्यूटी है हर पेशे की अपनी-अपनी ड्यूटी है हमें अक्सर सामने वाले का पेशा मज़ेदार लगता है क्योंकि उसका सच हमसे दूर होता है, लेकिन हर पेशे में कभी न कभी आदमी बहुत मजबूर होता है। जब कोई जज किसी की ज़िन्दगी का फैसला लिखता है तो वो ऊपर से बहुत आत्मविश्वासी...

चुटकुला

मंच की आलोचना का बोझ भी ढोता रहा और उसका मंच पर उपयोग भी होता रहा हास्य कविता की शक़ल में चुटकुला जब भी ढला तालियाँ तो पिट गईं पर चुटकुला रोता रहा ✍️ चिराग़...
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