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अनर्गल

चाहता था भावनाओं में जकड़ लूँ आपको आप आगे बढ़ चुके, कैसे पकड़ लूँ आपको लेकिन निर्णय के पथ पर अनुरोध अनर्गल लगता है जीवन की नदिया के मग में अवरोध अनर्गल लगता है मेरे मन की पीड़ा, मन में ही घुट कर रह जाएगी अरमानों की डोली राहों में लुट कर रह जाएगी मैं यादों के ताजमहल में...

वनफूल

कुछ ज़र्द से पत्ते थे जो सजकर सँवर गए कुछ फूल जंगलों में ही खिलकर बिखर गए कुछ छाछ की छछिया लिए दुनिया पे छा गए कुछ खीर हाथ में लिए घुट-घुट के मर गए ✍️ चिराग़...
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