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सरकार का जवाब

चौराहे पर खड़ा भिक्षुक दल हमारी गाड़ी के शीशे पर जी भर के ठुक-ठुक करता है। जब हम उसे भीख देने से इनकार करते हैं तो वह गाली बकने से लेकर, गाड़ी पर खरोंच मारने तक की प्रतिक्रिया देता है। दस-बीस मीटर दूर खड़ा ट्रैफिक पुलिस का जवान उसे कुछ नहीं कहता क्योंकि उसका काम गाड़ियों...

ग़रीबी

रुके आँसू, दबी चीखें, बंधी मुट्ठी, भिंचे जबड़े इन्हीं के तर्जुमे से मुल्क़ में विस्फोट होता है ये बम रखने का काम अच्छा-बुरा औरों की ख़ातिर है ग़रीबी के लिए तो सिर्फ़ सौ का नोट होता है ✍️ चिराग़...

लहर

ग़रीबों के बच्चों की भूखी आँखों में पलते कोरे स्वप्न अनायास ही मिट जाते हैं सागर-तट पर फैली रेत पर लिखे नाम की तरह। रेतीली चित्रकारी को मिटाने आयी लहर हर बार दे जाती है एक नया चित्र सागर के तट को ताकि व्यर्थ न हो यात्रा भविष्य में आनेवाली लहर की! ✍️ चिराग़...

विविधता

(एक) आलीशान शोरूम के चमचमाते शोकेस में महंगी विग सिर पर लगाये हज़ारों रुपये के लहंगे से सजा इतरा रहा था पुतला। (दो) अंग्रेजी स्टाइल के फास्ट-फूड कॉर्नर में जगमगा रहा था आकर्षक-स्वादिष्ट राजकचौरी से सजा महंगा ख़ूबसूरत काउण्टर …मद्धम नीले प्रकाश के साथ। बोनचाइना के...

वक़्त का हिण्डोला

घर के मुख्य द्वार की देहलीज पर बैठकर दफ़्तर से लौटते पापा की राह तकतीं नन्हीं-नन्हीं आँखें रोज़ शाम आशावादी दृष्टिकोण से निहारती थीं सड़क की ओर …कि पापा लेकर आएंगे कुछ न कुछ चिज्जी हमारे लिए। लेकिन लुप्त हो रही है ये स्नेहिल परंपरा पिछले कुछ वर्षों से बच नहीं पाती...
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