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बुजुर्गों का रुआब

अभी घर से निकला। एक बुज़ुर्ग महिला सड़क किनारे एक ट्री-गार्ड को पकड़कर खड़ी थी। उन्हें शायद किसी सोसाइटी में जाना था लेकिन बिना सहारे के चलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थीं और ट्री-गार्ड को पकड़े हुए आते-जाते लोगों की ओर कातर दृष्टि से निहार रही थीं। सोसाइटी के बाहर इस समय...

अंधानुकरण

कजरी, गारी, फाग, जोगीरे भूल गए बंसी, तबले, ढोल, मंझीरे भूल गए इतनी तेज़ी से दुनिया की ओर बढ़े अपने घर को धीरे-धीरे भूल गए ✍️ चिराग़...
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