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ओ माधो जी!

ओ माधो जी! कल मैंने बाज़ार में देखी रूह तुम्हारी काफ़ी सजी-धजी लगती थी यूँ लगता है तुमने उसको नहलाने में अपनी आँखों का सब पानी ख़र्च कर दिया! वो जो गै़रत वाला जोड़ा तुम हरदम पहने रहते थे कल मैंने उस ही जोड़े में रूह तुम्हारी लिपटी देखी आँखें झुकी हुई थी उसकी गर्दन नीचे गड़ी...

संबंधों की परिभाषा

जग सीमित करना चाहे, सम्बन्धों को परिभाषा में कैसे व्यक्त करूँ मैं भावों की बोली को भाषा में क्या बतलाऊँ मीरा संग मुरारी का क्या नाता है शबरी के आंगन से अवध बिहारी का क्या नाता है क्यों धरती के तपने पर अम्बर बादल बन झरता है क्यों दीपक का तेल स्वयं बाती केे बदले जरता है...

राखी के स्वयंवर की गौरवगाथा

भारतीय स्वयंवर परंपरा के गौरवशाली इतिहास में जानकी और द्रौपदी के स्वयंवरों की टीआरपी सबसे हाई रही है। इन दिनों राखी सावंत इस इतिहास को डायरेक्ट चुनौती दे रही है। यहाँ यह बताना बेहद ज़रूरी है कि स्वयंवर की ‘ईवेंट मैनेजमेंट’ में राखी को सीता और द्रौपदी से अधिक मेहनत करनी...
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