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दशरथ मांझी

वाह वाह! नाम ही दशरथ था काम तो शतरथ वाला किया। जुनून; लगन; मेहनत; सनक; दीवानगी …इन सबसे आगे का शब्द खोज बे शब्दकोश! हुए होंगे कहीं पत्थर जिनको तराशता था आदमी मैंने तो आज पत्थरों को इक आदमी तराशते देखा। सचमुच यार सितार की झंकार और बंसी की तान पर थिरकती मुहब्बत से...

संथारा

चलो बताएं आज तुम्हें वैज्ञानिक धर्म हमारा है क्या हैं व्रत उपवास और क्या नियम त्याग संथारा है हमें फर्क पड़ता है छोटी चींटी तक की पीर से हमें अहिंसा मिली विरासत में भगवन् महावीर से वृक्षों में जीवन होता है; अब ढूंढा विज्ञान ने हमें बताया युगों पूर्व ये ऋषभदेव भगवान् ने...

भारत-पाक विभाजन

किसी की बात में आकर बँटा आँगन बना बैठे हमीं इक दूसरे को जान का दुश्मन बना बैठे जहाँ के खेत में बंदूक बोते थे भगत बाबा जहाँ की जेल में जगते थे, सोते थे भगत बाबा जहाँ हमको मिला दुश्मन की दहशत का नमूना था जहाँ फाँसी के फंदे को भगतबाबा ने चूमा था उसी लाहौर को अब जुर्म का...

स्वराज पर्व

बधाई हो! दिल्ली सरकार का ‘स्वराज पर्व’ रद्द हो गया। मतलब यह कि केन्द्र सरकार स्वतंत्रता दिवस मनाएगी, और सारी सरकारें भी स्वतंत्रता दिवस मनाएंगी, लेकिन दिल्ली सरकार स्वतंत्रता दिवस नहीं मनाएगी। अख़बार में आया है। पहली बार पता चला है कि स्वतंत्रता दिवस भी...

हिन्दुस्तान हमारा है

दुर्घटना घटे सड़क पर तो हम रुकने को तैयार नहीं आँखों के आगे जुल्म बढ़े तो हम करते प्रतिकार नहीं अब हमको फर्क नहीं पड़ता चालीस मरे या चार मरे पानी बन गया लहू वह जो बढ़कर भीषण हुंकार भरे जब भूखी उम्मीदें टूटीं खलिहान जले हम मौन रहे जब धनिया की अस्मत लूटी पत्थर पिघले हम मौन...
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