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क्षमाभाव

झुकना, माफ़ी मांगना, कठिन बहुत है यार लेकिन इसके बाद है, चैन-सुकून अपार बढ़कर माफ़ी मांगिए, छोड़ गुमान गुरूर हाँ, हल्का हो जाएगा, मन का बोझ हुज़ूर कुपित हुए, कुढ़ते रहे, क्रोधी, मूढ़ अधीर क्षमाभाव को धारकर, सहज रहे सो वीर ✍️ चिराग़...
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