मीराबाई ने फेसबुक पर लिखा – ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’। लोगों ने इस पंक्ति को अपने-अपने स्टेटस पर चिपकाया। कुछ दिन बाद राणा ने मीराबाई के खि़लाफ़ एक पोस्ट लिखी। लोगों ने उस पोस्ट को देखते ही मीराबाई को ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ क्रिएटिव लोगों ने फोटोशॉप करके मीराबाई की आपत्तिजनक फोटुएँ डालीं, कुछ कलाकारों ने डबिंग करके मीराबाई की अश्लील फोन कॉल का ऑडियो उपलब्ध करा दिया। कुलटा, बदचलन, चरित्रहीन, लूज़ कैरेक्टर, संस्कृति के लिए खतरा और न जाने क्या-क्या कहकर बेचारी के नाम पर अपने-अपने फॉलोवर्स बढ़ाते रहे। मीरा, अपमान का विष पीती रही और अंततः एक दिन अपनी प्रोफाइल डिलीट करके विलीन हो गई।
उसके मरते ही लोगों ने राणा को ट्रोल करना शुरू कर दिया। हत्यारा, प्रेम का दुश्मन, स्त्री विरोधी, नपुंसक, विलासी और न जाने क्या क्या कहकर राणा के बहाने अपने फॉलोवर्स बढ़ाने लगे। एक ने मीरा को देवी बताते हुए पेज बना लिया। एक ने मीराबाई सपोर्टर्स ग्रुप बना लिया। और एक ने तो इवेंट क्रिएट की – ‘कृष्ण भक्ति में डूबेगा फेसबुक, डिजिटल कीर्तन होगा, इवेंट टाइटल – मेरे तो गिरधर गोपाल!’
✍️ चिराग़ जैन