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तू तिल है, ताड़ सा है तेरा बाप डार्लिंग
ससुरा कबाड़-सा है तेरा बाप डार्लिंग

हर वक्त चर्र-चर्र, चपड़-चैं, चुकर-चुकर
टूटे किवाड़ सा है तेरा बाप डार्लिंग

यूँ तू तो किसी कुश्ती के मैडल की तरह है
धोबी पछाड़ सा है तेरा बाप डार्लिंग

हर एक दाँत का है अलग रंग, अलग शेड
पूरा जुगाड़ सा है तेरा बाप डार्लिंग

रेखा जी की आवाज़ में बच्चन के डायलॉग
ऐसी दहाड़ सा है तेरा बाप डार्लिंग

✍️ चिराग़ जैन

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