मोदियाबिंद
फेसबुक पर एक नया धर्म पैदा हुआ है जिसका नाम है मोदीपंती। इस धर्म के अनुयायी मोदी जी को किसी भी बहस का विषय बनते देख “ईशनिंदा” के पाप से बचने हेतु गालियों के मन्त्र पढ़ने लगते हैं। भक्त की साधना और श्रद्धा के अनुसार गालियों का स्तर अलग-अलग होता है।
मोदी जी की किसी बात पर कोई चुटकी लेले तो ये इनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो जाती हैं। मोदी जी के किसी काम पर कोई चर्चा छिड़े तो ये विषय की प्रतिष्ठापना को ही मोदी जी के विरुद्ध साज़िश समझने लगते हैं।
दरअस्ल किसी पोस्ट में मोदी जी का फ़ोटो देखते ही इन्हें मोदियाबिंद हो जाता है। उसके बाद पोस्ट में कही गई बात के अर्थ को ये नहीं समझ पाते और इनकी प्रतिक्रया को हम नहीं समझ पाते। इनकी प्रतिक्रियाएं देखकर कई बार ऐसा लगता है कि मोदी जी किसी गोलगप्पे जैसे हैं जिनका ध्यान न रखा गया तो कोई उन्हें पानी में डुबोकर खा जाएगा।
इनकी यह स्पष्ट धारणा है कि मोदी जी को छवि को धूमिल करने के लिए विपक्षी चाटुकारों की एक फ़ौज लगातार काम कर रही है। ये सब उस फ़ौज से मोदी जी को बचाना चाहते हैं
कहना न होगा, कि लोकतंत्र में किसी व्यक्ति को आस्था से जोड़कर मोदी जी के क़द को छोटा किया जाना ज़्यादा बड़ी साज़िश है।
मोदी जी को समय दो, मोदी जी की आलोचना न करो, वो जो करें उसी को ठीक समझो, मोदी जी जो न कर पाएं उसका नाम तक मत लो, मोदी जी को हाँ में हाँ मिलाओ, मोदी जी की जयजयकार करो। नहीं तो तुम्हें पाप लगेगा
काली माता आएगी
आग लगा के जाएगी
मोदी जी को कुछ मत बोलो तभी तुम्हारा कल्याण संभव है।
✍️ चिराग़ जैन