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बनिये

बुझा दें प्यास औरों की वो मिट्टी के घड़े बनिये रहे अन्तस् में कोमलता भले बाहर कड़े बनिये हमारा क़द हमारी भावनाओं से निखरता है भले संख्या में कम हों हम मगर दिल के बड़े बनिये नहीं ऐसा नहीं हम लोग केवल दान करते हैं हक़ीक़त ये है हम प्रतिभाओं का सम्मान करते हैं हमें भगवान बनने...

गीत लिखते वक़्त

इक दफ़ा पलकों को अश्क़ों में भिगो लेते हैं हम और फिर अधरों पे इक मुस्कान बो लेते हैं हम गीत गाते वक्त रुंध ना जाए स्वर इसके लिए गीत लिखते वक्त ही जी भर के रो लेते हैं हम ✍️ चिराग़...
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