+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

नसीब

राजकुमारी ने कहा-
‘बहुत नसीब वाला होगा
वो चांद
जो उतरेगा
तुम्हारे अंगना।
रे पथिक!
मेरा ऐसा नसीब कहाँ
जो पा सकूँ
तुम-सा
स्वतंत्र
और स्वच्छंद साथी!’

पथिक
कोसता रहा गया
अपनी ख़ुशनसीबी को
और राजकुमारी
सोने की पालकी में बैठ
उतर गई
किसी चांद के अंगना।

✍️ चिराग़ जैन

खारिज

एक ही पल में
उभर आए
कई सारे शिक़वे
ढेर सारे गिले

और फिर
अगले ही पल
मैंने ख़ुद-ब-ख़ुद
लाजवाब कर दिया उन्हें
अपने मन की अदालत में

….ऐसा नहीं था
कि सचमुच बेबुनियाद थीं
मेरी शिकायतें

बल्कि बात दरअसल ये थी
कि अदालत दिल की थी
और
दिल तुम्हारा…!

✍️ चिराग़ जैन

बेमआनी

बहुत दिन से इंतज़ार था
एक ख़ास यात्रा का
मुश्क़िल से हाथ आया
यात्रा का अवसर
घर से निकला
उत्साह से आपूरित
कुछ ही दूर पहुँचा
कि मोबाइल पर
एस एम एस आया-
“सुनो! जल्दी आना…”

…और मुझे बेमआनी लगने लगी
हर उपलब्धि।

✍️ चिराग़ जैन

जीना मुहाल है

तुझको सबसे मलाल है, सच्ची
यार तू भी कमाल है, सच्ची

इश्क़ वालों का हाल मत पूछो
बस कि जीना मुहाल है सच्ची

उम्र भर मुंतज़िर रही नज़रें
एक पल का सवाल है सच्ची

जाने कब कैसा रूप धर लेगी
ज़िन्दगानी छिनाल है सच्ची

मुझसे ज़्यादा मुझे तबाह करे
इतनी किसकी मज़ाल है सच्ची

✍️ चिराग़ जैन

वायरस

जब से
डाउनलोड की है
तुम्हारे नाम की फाइल
बार-बार हैंग होता है
दिल का सिस्टम

…शायद
कोई वायरस था
फाइल में।

जिसने सबसे पहले
डी-एक्टिवेट किया
ब्रेन का एंटी-वायरस
और फिर
करप्ट कर दिया
ऑपरेटिंग सिस्टम
स्लो कर दी
रैम भी!

…शायद
इंस्टाॅल करनी पड़ेगी
नई विंडो!

✍️ चिराग़ जैन

error: Content is protected !!