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मैं शायर नहीं होता

मुहब्बत के बिना अहसास से दिल तर नहीं होता अगर अहसास न हो तो सुख़न बेहतर नहीं होता मेरी पहचान है ये शायरी, ये गीत, ये ग़ज़लें किसी से प्यार न करता तो मैं शायर नहीं होता ✍️ चिराग़...

ज़रूरत

मेरी बेबस मुहब्बत को सहारों की ज़रूरत है दीवाने को महज तेरे इशारों की ज़रूरत है मेरा दिल क़ैद करने को तेरी ज़ुल्फ़ें ही काफी हैं न तीरों की ज़रूरत है न तारों की ज़रूरत है ✍️ चिराग़...

किसी के बिन…

भीतर-भीतर मन गलता है बाहर नैन बरसते हैं बीते पल आँखों के आगे हर पल हलचल करते हैं टूटन, आह, चुभन, सिसकन में जीवन घुलता जाता है लोग किसी के बिन जी लेना कितना सहज समझते हैं ✍️ चिराग़...

अनर्गल

चाहता था भावनाओं में जकड़ लूँ आपको आप आगे बढ़ चुके, कैसे पकड़ लूँ आपको लेकिन निर्णय के पथ पर अनुरोध अनर्गल लगता है जीवन की नदिया के मग में अवरोध अनर्गल लगता है मेरे मन की पीड़ा, मन में ही घुट कर रह जाएगी अरमानों की डोली राहों में लुट कर रह जाएगी मैं यादों के ताजमहल में...

सुन्दरी

कारे-कारे कजरारे नैन तोरे प्यारे-प्यारे गीले-गीले लागत हैं नदिया के कूल से सौंधी-सौंधी खुसबू महकती है केसन में मानो अभी नहा के आई हो गोरी धूल से मस्तानी की दीवानी मुस्कान देख लें तो रोम-रोम खिले गुलदाऊदी के फूल से मीठी-मीठी बोली, मो से बोले तो मिठाई लागे औरन से बोले...
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