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प्रेम के रंग से निखारो

जैसा चाहो जवाब दो इसको दुनिया ऐसा सवाल है यारो प्रेम के रंग से निखारो तो ज़िन्दगी बेमिसाल है यारो ✍️ चिराग़...

माखनचोर

कान्हा के किरदार का, कोई ओर न छोर इक पर वो जगदीश है, इक पल माखनचोर गोपी, ग्वाले, बांसुरी, रास, नृत्य, बृजधाम ये सारा कुछ कृष्ण का, केवल इक आयाम ✍️ चिराग़...

ख़ुशियों को ज़ंजीर

लिखे किसी ने गीत तो समझो, मन को गहरी पीर मिली सृजन हुआ उन्मुक्त तभी जब, ख़ुशियों को ज़ंजीर मिली किस्से बने, कहानी फैली, चित्र सजे, कविता जन्मी पर न मिली मजनू को लैला, ना रांझे को हीर मिली ✍️ चिराग़...

बेमतलब का डर

तेरा अहसास मेरे दिल में ही पलता रहा बरसों बयाने-दिल किसी डर से यूँ ही टलता रहा बरसों तेरा दिल भी मेरी ख़ामोशियों को कोसता होगा मेरे दिल को भी बेमतलब का डर खलता रहा बरसों ✍️ चिराग़...

बहाना अनबन का

तू मेरे मन भा जाए या मैं तेरे मन भा जाऊँ तू मुझसे जुड़ता जाए या मैं तुझसे जुड़ता जाऊँ आओ तलाशें कोई बहाना अनबन का, इससे पहले तू मुझसे उकता जाए या मैं तुझसे उकता जाऊँ ✍️ चिराग़...
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