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पाप

सिर्फ़ मतलब के लिए हर चाल चलना पाप है हर दफ़ा दर देखकर मजहब बदलना पाप है शाइरी, दीवानगी, नेकी, इबादत, मयक़शी और राहे-इश्क़ में गिर कर संभलना पाप है काश बच्चों की तरह हालात भी ये जान लें ख़्वाहिशों की तितलियों के पर मसलना पाप है दौर इक ऐसा भी था, जब झूठ कहना मौत था और अब...

रामसेतु

इन नासमझों का होगा नहीं रे कल्याण रामधरा पर मांग रहे हैं रामलला के प्रमाण श्रीराम बसे हैं आंगन में, पावन तुलसी की क्यारी में श्री राम बसे हैं घर-घर में, आपस की दुनियादारी में श्रीराम हमारी आँखों में, श्रीराम हमारे सपनों में श्रीराम हैं सारे संबंधों में, सब रिश्तों...

प्रभु की वन्दना

नानक, कबीर, महावीर, पीर, गौतम को पंथ-देश-जातियों का नाम मत दीजिए जिनने समाज की तमाम बेड़ियाँ मिटाईं उन्हें किसी बेड़ी का ग़ुलाम मत कीजिए मन के फ़कीर अलमस्त महामानवों को रूढ़ियों से जोड़ बदनाम मत कीजिए प्राणियों के प्रति प्रेम ही प्रभु की वन्दना है भले किसी ईश को प्रणाम मत...

एक जिल्द में बांध दो

एक संग आकर कहें, कातिक औ’ रमज़ान एक जिल्द में बांध दो, गीता और कुरान ✍️ चिराग़ जैन

परिवर्तन

जब से हम करने लगे बात-बात में जंग तब से फीके पड़ गए त्यौहारों के रंग धुआँ-धुआँ सा रह गया दीपों का त्यौहार शोर-शराबा बन गया होली का हुड़दंग ✍️ चिराग़...
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