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मधुमास

खण्ड-खण्ड कर रहे देश की अखण्डता को, ऐसे दुष्ट लोगों का विनाश होना चाहिए जातिवादियों के जीवन में हलाहल घुले, साम्प्रदायिकों का सर्वनाश होना चाहिए ज्वालाएँ प्रचण्ड मेरे भारत में फिर जलें, एक-एक कोने में प्रकाश होना चाहिए न हो कोई जाति न धरम कोई शेष रहे, पूरे भारत में...

छोड़ो वेद-पुरान

ईश्वर, बालक, माँ, कवि, ये सब एक समान इन्हें प्रेम से जीत लो, छोड़ो वेद-पुरान ✍️ चिराग़ जैन

ज़ख़्म कौन धोएगा

भारती आज तेरे ज़ख़्म कौन धोएगा तेरे बँटते हुए आँचल में कौन सोएगा बम्बई ने जो धमाकों के ज़ख़्म खाए हैं भूखे बच्चे जो गोधरा में बिलबिलाए हैं मंदिरों में भी धमाकों की गूंज उठती हैं आज हिन्दोस्तां में अरथियाँ भी लुटती हैं किसी मासूम की जब आह सुनी जाती है तो ख़यालों में यही...

तमन्ना

है तमन्ना यही प्यार जीता रहे सबका जीवन गुनाहों से रीता रहे भावना सब के दिल में यही जन्म ले दुख मैं पीता रहूँ सुख तू पीता रहे ✍️ चिराग़...

जिनस्य अनुयायी इति जैनः

महावीर मुसलमान थे। क्योंकि उनके पास मुकम्मल ईमान थे। महावीर सिख थे। क्योंकि वे सितम करने से ख़बरदार करते थे। महावीर हिन्दू थे। क्योंकि वे हिंसा से दूर थे और सब जीवों से प्यार करते थे। महावीर पारसी थे। क्योंकि उनमें संसार के पार देखने की क्षमता थी। महावीर आर्यसमाजी थे।...
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