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तेरी दुश्मनी भी क़माल है

न जहाँ में तेरा जवाब है, न नज़र में तेरी मिसाल है तेरी दोस्ती भी क़माल थी, तेरी दुश्मनी भी क़माल है क्या हसीन खेल है ज़िन्दगी, कभी ग़मज़दा, कभी ख़ुशनुमा कभी एक उम्र का ग़म नहीं, कभी एक पल का मलाल है मेरी सोच बदली तो साथ ही, मेरी ज़िन्दगी भी बदल गई कभी मुझको उसका ख़याल था, कभी...

पाप

सिर्फ़ मतलब के लिए हर चाल चलना पाप है हर दफ़ा दर देखकर मजहब बदलना पाप है शाइरी, दीवानगी, नेकी, इबादत, मयक़शी और राहे-इश्क़ में गिर कर संभलना पाप है काश बच्चों की तरह हालात भी ये जान लें ख़्वाहिशों की तितलियों के पर मसलना पाप है दौर इक ऐसा भी था, जब झूठ कहना मौत था और अब...

चांदनी से रात बतियाने सहेली आ गयी

चांदनी से रात बतियाने सहेली आ गयी कुछ मुंडेरों के मुक़द्दर में चमेली आ गयी पैर भी सुस्ता लिये, आँखों ने भी दम ले लिया ज़िंदगी की राह में, दिल की हवेली आ गई झाँकता है हर कोई ऐसे दिल-ए-नाशाद में जैसे आंगन में कोई दुल्हन नवेली आ गई बोझ कंधों का उतर कर गिर गया जाने कहाँ जब...

सच के नाम पे

दुनिया की बदसलूक़ी का तोहफ़ा लिये जिया फिर भी मैं अपने सच का असासा लिये जिया कोई महज ईमान का जज्बा लिये जिया कोई फ़रेब-ओ-झूठ का मलबा लिये जिया टूटन, घुटन, ग़ुबार, अदावत, सफ़ाइयाँ इक शख़्स सच के नाम पे क्या-क्या लिये जिया जब तक मुझे ग़ुनाह का मौक़ा न था नसीब तब तक मैं बेग़ुनाही...

पत्थर को भी तरते देखा

हमने सूरज को यहाँ डूब के मरते देखा और जुगनू से अंधेरों को सँवरते देखा तूने जिस बात पे मुस्कान के पर्दे डाले हमने उसको तेरी आँखों में उतरते देखा एक लमहे में तेरे साथ कई रुत गुज़रीं तेरे जाने पे मगर वक़्त ठहरते देखा लोग कहते हैं बस इक शख़्स मरा है लेकिन क्या किसी ने वहाँ...

उस घड़ी

आप संग गुज़रे लम्हे, पीड़ा अजानी हो गये प्यार के रंगीन पल, क़िस्से-कहानी हो गये हर किसी के ख़्वाब जब से आसमानी हो गये पाप के और पुण्य के तब्दील मआनी हो गये एक दीवाने से झोंके ने उन्हें छू भर लिया और उनकी चूनरी के रंग धानी हो गये सर्द था मौसम तो बहती धार भी जम-सी गयी धूप...
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