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दल बदलू का कार्यकर्ता

कल तक जो थे दोस्त, कहा अब उनको दुश्मन मान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनको गाली दी थी जुमला छाप जुगाली की थी अब कहते हो गाली छोड़ करें उनका गुणगान हम पुतले हैं या इंसान कल तक जिनके कपड़े फाड़े हमने जिनके टैंट उखाड़े अब तुम ख़ुद ही बैठ गये हो उनका तम्बू तान हम पुतले हैं या...

उदित राज के विवादित बयान

कैसे देते हो विवादित बयान बताओ ये कहाँ से सीखे ऐसी बातें ही क्यों करते श्रीमान बताओ ये कहाँ से सीखे बीच बहस में क्यों चैनल को छोड़ चले आते हो अपनी-अपनी कहते, औरों की नहीं सुन पाते हो झट से हो जाते हो कैसे अंतर्धान बताओ ये कहाँ से सीखे कभी कुम्भ के मेले पर ही प्रश्न उठा...

उदित राज को समर्पित

जब तक टिकट नहीं कट जाती तब तक सब कुछ चलता है सब कुछ है चलता है टिकट का कटना खलता है जिस पुलवामा की घटना को साज़िश आप बताए उस घटना के घटने पर क्यों दल को छोड़ न पाए जिसकी खाट खड़ी हो जाए वो ही आँखें मलता है आंखें मलता है, टिकट का कटना खलता है राष्ट्रपति को गूंगा-बहरा कहते...

लॉकडाउन की दिवाली

मार्किट ठंडा घर-घर मंदा जेब सभी की ख़ाली है चारों ओर दिवाला निकला कैसी आई दिवाली है कोरोना की दहशत ऐसी अबकी गिफ्ट नहीं आये इसके डिब्बे उसके घर में होकर शिफ्ट नहीं आये ख़ूब घुमंतू सोन पापड़ी घर पर बैठी ठाली है चारों ओर दिवाला निकला कैसी आई दिवाली है कोरोना ने लक्ष्मी जी...

इलेक्सन

क्या करना है कारोबार कल और इलेक्सन होंगे कल और इलेक्सन होंगे, घनघोर इलेक्सन होंगे हर ओर इलेक्शन होंगे, पुरजोर इलेक्शन होंगे सब कुछ मुफ्त मिलेगा यार कल और इलेक्सन होंगे एमपी वाले चावल देंगे, दिल्ली वाई-फाई पटना जाकर फोकट में ले लेंगे यार दवाई मेहनत के मुँह पर पोतेंगे,...

भोर से ठीक पहले

रेत, अंतिम बून्द भी यदि सोख ले अपनी नदी की साफ़ मतलब है पहाड़ों की बरफ़ अब गल चुकी है रात का अंधियार जब अपने चरम पर आ गया हो तब समझना, सूर्य की पहली किरण अब चल चुकी है त्यौरियों के बोझ से भौंहें भले दुखने लगी हों होंठ की बस एक हरक़त से हवा हो जाएंगी ये ये निराशा, ये...
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