+91 8090904560 chiragblog@gmail.com

बिटिया

शादी का जोड़ा चढ़ा, सजे सोलहों साज इक छोटी-सी लाडली, बड़ी हुई है आज विदा समय बाबुल कहे, जोड़े दोनों हाथ मेरी लाज बंधी हुई, बिटिया तेरे साथ बिन कारण ताने सहे, बिन मतलब संत्रास पर उसने तोड़ा नहीं, बाबुल का विश्वास बाबुल तेरी देहरी, जब से छूटी हाय। तब से मन की बात बस, मन ही...

सावन

घन, पंछी, बरखा करें, गर्जन, कलरव, सोर हृदय मयूरा झूमिहै, ज्यों सावन में मोर जब मेघन का नेह जल, बरसत है चहुँ ओर इस प्रेमी मन भीगता, उत बिरहन की कोर ✍️ चिराग़...

तिरंगा

अपना तिरंगा एक परचम ही नहीं है भावनाओं की बहार-सी है तीन रंग में छोटे-छोटे बालकों के अधरों पे बिखरी जो वही एक पावन हँसी है तीन रंग में प्रेम, त्याग, एकता, अखण्डता, समानता से ओत-प्रोत आत्मा बसी है तीन रंग में खादी वाले मोटे रेशों का ही ताना-बाना नहीं भारत की एकता कसी...

ज़िन्दगी

दुनिया में आ के सकुचाई पल भर फिर ममता की छाँव में सँवर गई ज़िन्दगी पालना, खिलौना, पाठशाला, अनुभव, ज्ञान प्रेम की छुअन से निखर गई ज़िन्दगी क़ामयाबी का गुमान ज़िन्दगी पे लदा और ज़िन्दगी के दाता को अखर गई ज़िन्दगी मौत की हवा ने श्वास का दीया बुझा दिया तो हाड़-हाड़ राख...

लव इन दिल्ली-यूनिवर्सिटी

मौरिस नगर के नुक्कड़ों को आज भी याद हैं हज़ारों निशब्द प्रेम कहानियाँ जिनका पूरा सफ़र तय होकर रह गया आँखों-आँखों में ही। लेकिन अब ये प्रेम कहानियाँ ऐसी ख़ामोशी से नहीं बनतीं। अब दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ लिखकर अपने अधिकार जान गया है प्रेम। अब लोक-लाज और पिछड़े हुए समाज से...
error: Content is protected !!